Entertainment

Heath Tips

  • In enim justo, rhoncus ut, imperdiet a
  • Fringilla vel, aliquet nec, vulputateDonec pede justo,  eget, arcu. In enim justo, rhoncus ut, imperdiet a, venenatis vitae, justo.Nullam dictum felis eu pede mollis pretium.

Education

Infosys की फोरेंसिक ऑडिट कर सकता है SEBI बढ़ सकती हैं मुश्किलें 

Infosys की फोरेंसिक ऑडिट कर सकता है SEBI बढ़ सकती हैं मुश्किलें 

Infosys की फोरेंसिक ऑडिट कर सकता है SEBI, अब सच में बढ़ सकती हैं कंपनी की मुश्किलें 

वित्तीयअनियमितताओं के आरोप झेल रही दिग्गज IT कंपनी Infosys की मुश्किलें अब सच में ज्यादा बढ़ सकती हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मार्केट रेगुलेटर SEBI (Stock Exchange Board of India) कंपनी के बैलेंस शीट की फोरेंसिक ऑडिट कर सकता है. पिछले साल कंपनी के अंदर से एक व्हिसलब्लोअर की ओर से कंपनी पर वित्तीय गड़बड़ियां करने का आरोप लगाने के बाद से ही सेबी आरोपों की जांच कर रहा है.
लेकिन अब जानकारी आ रही है कि सेबी आखिरकार आरोपों की गहराई से जांच के लिए कंपनी के बैलेंस शीट की फोरेंसिक ऑडिट कर सकता है.

कंपनी के बैलेंस शीट को लेकर कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा था कि भगवान भी कंपनी के नंबर नहीं बदल सकते. इस पर SEBI के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा था कि जांच चल रही है, बाकी इसके बारे में नंदन नीलेकणि या फिर भगवान ही बता सकते हैं.
क्या थे आरोप?
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में कंपनी के अंदर से किसी ने Stock Exchange को जानकारी दी कि कंपनी के कुछ टॉप लीडर्स वित्तीय गड़बड़ियां कर रहे हैं, जिसके बाद नवंबर में SEBI ने आरोपों की जांच शुरू की थी.
कंपनी में काम करने वाले कुछ गुमनाम कर्मचारियों ने 17 सितंबर को बोर्ड को एक खत लिखा था, जिसमें CEO सलिल पारेख और CFO निलंजन रॉय पर पिछली दो तिमाहियों (अप्रैल-सितंबर) में मैनेजमेंट और अकाउंटिंग में कई तरह की गड़बड़ियां करने का आरोप लगाया था. दोनों पर आरोप था कि उन्होंने शॉर्ट टर्म प्रॉफिट बढ़ा हुआ दिखाने और खर्चों को कम दिखाने के लिए अनियमतिताएं की थीं.
किसने लगाए हैं आरोप?
नवंबर में यह जानकारी भी सामने आई थी कि कंपनी पर आरोप लगाने के पीछे को-फाउंडर का भी हाथ है. उस वक्त एक एक्सलूसिव जानकारी मिली थी कि किसी को-फाउंडर और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने व्हिसलब्लोअर के साथ मिलकर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
सूत्रों के मुताबिक को-फाउंडर और पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने व्हिसलब्लोअर को जानकारी दी. इसी जानकारी के बल पर व्हिसलब्लोअर ने कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस पर गंभीर सवाल उठाए थे. व्हिसलब्लोअर ने आरोप लगाया कि कंपनी के प्रबंधन की तरफ से मुनाफा और आय बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाए गए. इन आरोपों के बाद कंपनी का शेयर 16 फीसदी टूटा था.

user

RELATED POSTS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read also x

Close Bitnami banner
Bitnami