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अलवर एवं भरतपुर जिलों में यह प्रोजेक्ट शुरू किया, पुलिस 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचेगी

अलवर एवं भरतपुर जिलों में यह प्रोजेक्ट शुरू किया, पुलिस 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचेगी

जयपुर. मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने गुरुवार काे प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पुलिस के रेस्पांस सिस्टम काे मजबूत बनाने की बात कही। साथ ही पुलिस अधिकारियाें से पूछा की हम थानाें में फ्री रजिस्ट्रेशन की बात करतें है ताे पीड़ित थाने में जाते है तब मामला दर्ज क्याें नहीं किया जाता।

भरतपुर और अलवर में पायलट प्रोजेक्ट शुरु

गहलोत ने कहा है कि अपराधों पर प्रभावी शिकंजा कसने और लोगों को बेहतर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बिना देरी के घटनास्थल पर पहुंचना सुनिश्चित करे। घटनास्थल पर पुलिस की त्वरित पहुंच के लिए पूरे प्रदेश में इमरजेंसी रेस्पोंस सिस्टम लागू करने का प्रयास किया जाए। फिलहाल अलवर एवं भरतपुर जिलों में यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसमें पुलिस 15 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचेगी।

सीएम ने प्रदेश में पुलिस द्वारा माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए और कहा कि माफियाओं के खिलाफ पुलिस सख्ती एवं सतर्कता के साथ कार्रवाई को अंजाम दे, ताकि आमजन को बेहतर सुरक्षा मिल सके। इसके लिए सरकार संसाधनों में किसी तरह की कमी नहीं रखेगी। पुलिस महकमे को वाहनों की खरीद के लिए 70 करोड़ रूपये का बजट उपलब्ध कराया गया है।

एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी बर्दाश्त नहीं :सीएम

मुख्यमंत्री ने एफआईआर के लिए ’फ्री रजिस्ट्रेशन’ की नीति पर पुनः जोर देते हुए कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पुलिस थानों में आने वाले फरियादियों को एफआईआर दर्ज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऎसा प्रकरण सामने आने पर अधिकारी संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। बैठक में पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि महिला उत्पीड़न एवं जघन्य अपराधों की रोकथाम के लिए गठित विशेष यूनिट सभी जिलों में कार्यशील हो गई है। संगठित अपराध एवं विभिन्न माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस विभाग ने पिछले दिनों विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की है, जिससे बीते महीनों में अपराधों पर नियंत्रण की स्थिति बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि जनवरी महीने में सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एम.एल. लाठर, एडीजी बी.एल. सोनी, उमेश मिश्रा,  आर.पी. मेहरड़ा, अनिल पालीवाल, शासन सचिव गृह विभाग एन.एल. मीणा उपस्थित थे।

rajesh sharma

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